बाबा रामदेव की शान में
ओ बाबा तेरी अदभुत शान
गूञ्जे जिस-चहुँ-दिश् ओउम् का नाम
बाबा की बस यह पहचान
हर जन करता प्राणायाम
योग से करता मन वह चँगा
बहे कठौती में फिर गंगा
देकर हमको जीवन ज्ञ।न
भरता जन जन में वह प्राण
भाग रहे सब ही नारी नर
बच्चे-बूढ़े, बिमार ,अबल
कैसी हे निराली धुन उसकी
करती मतवाली सबको वह
भारत में फिर से भोर हुई
अंगड़ाई लेता भारत भर ||
जागो ! रे जिन जागणा!
अब जागण की बार
फिर क्या जागे , ऐ मना
ना जागा , राम के साथ
ना जागा , राम के साथ
ना जागा , राम के साथ
ना जागा , राम के साथ||
बाबा तेरी शान निराली ,करदी सब जग नू मतवाली
नचदा है हुण सब नर-नारी , बुढा , बालक ते लाचारी
भरया सब विच ऐसा प्राण ,खिलया हर फुल ,निखरी जान
भारत दा सौभाग्य बणा फिर , सूरज दा ज्यों उदय हुआ फिर
आओ भंगड़ा पाओ सब मिल , जय ,जय ,जय भारत दी शान !
जय ,जय ,जय भारत दी शान !
जय ,जय ,जय भारत दी शान !
जय ,जय ,जय भारत दी शान !
HAMSA DHYANA :- Mentally
HAMSA DHYANA :-
Mentally chanting HAM during exhalation & SA or SO during inhalation takes us close to our Source that is BRAHMAN. HAMSA means SO+AHAM which is translated as I AM THAT. 'THAT' stands for PARA-BRAHMAN.