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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

स्वामी श्रद्धानन्द की पुण्य स्मृति में

बुद्धिमान किसान भूमि में बीज बोने से पहले खाद आदि डाल और हल चलाकर भूमि को इस योग्य बना लेता है ,जिससे बीज बोने से पूरा लाभ हो सके । इसी तरह प्रत्येक उपदेशक के लिए आवश्यक है कि पहले इसके कि वह मनुष्यों को उपदेश देने के लिए उद्यत हो उनका क्रियात्मक जीवन ऐसा बना ले कि वे सुगमता से उसके उपदेश को ग्रहण कर सकें ।
----स्वामी श्रद्धानंद के धर्मोपदेश से उद्धृत ।