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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

प्रो. डो.कुशलदेव जी शास्त्री का निधन

आज हमें यह दुःखद समाचार मिला है कि आर्य समाज के सुप्रसिद्ध विद्वान् गवेषक इतिहासविद् अति विनम्र स्वावलंबी प्रो. डो.कुशलदेव जी शास्त्री का निधन हो गया है | वे कलकत्ता आर्य समाज के उत्सव में गये हुए थे और वहीं अस्वस्थ हो गये थे | वे प्रामाणिक इतिहास लेखक थे और निरन्तर शोध कार्य‌ में व्यस्त रहते थे | उन्होंने "महर्षि दयानन्द - काल और कृतित्व" तथा "डो० आंबेडकर और आर्य समाज" जैसे ठोस इतिहास ग्रन्थ लिखें । प्रथम ग्रन्थ की सामग्री तैयार करने में उन्होंने लगभग २५ वर्ष पुरुषार्थ किया होगा । सुना है कि उसका दूसरा भाग भी वे तैयार कर रहे थे । वे महर्षि दयानन्द विषयक इतिहास के मान्य विद्वान् माने जाते थे । लगभग दो-तीन मास पूर्व ही उन्होंने मुझसे स्वामी दयानन्द को संन्यास की दीक्षा देने वाले स्वामी पूर्णानन्द के बारे में शोध करने हेतु फोन से बात की थी । ऐसा महान् पुरोषार्थी व्यक्ति हमारे बीच अब नहीं रहा ! शोक होता है - मगर क्या करें ! परमात्मा उनके परिवार जनों को इस विपद् वेला में धैर्य-शक्ति प्रदान करें - यही प्रार्थना है । हम कुशलदेव जी के कर्मठ समर्पित जीवन से प्रेरणा लें और उनके कार्यों के संवाहक बने । इतिहास आदि विषयों में हम लोग जो कुछ भी लिखें-कहें वह सप्रमाण हो, तथ्याधारित हो, अतिशयोक्ति आदि दोषों से मुक्त हो और हम इतिहास विद्या का मूल्य समझें - यही उनके पुण्य जीवन से हम प्रेरणा ले सकते हैं ।
= भावेश मेरजा

इस दुखद

इस दुखद सन्देश पर हम सब प्रभु से स्वर्गीय प्रो. डा. कुशलदेव शास्त्री जी की मंगल गति की कामना करते हैं तथा उनके परिवार को एवं आर्यसमाज को इस दुख से पार होने की शक्ति हेतु हाथ जोड़ विनती करते हैं | इस महान आत्मा के अभिनन्द्ननीय कार्य्यों की हम कितनी भी प्रशंसा करें , वह कम होगी | उनकी कमी हमेशां खलती ही रहेगी | हम सब उन्हें भावभीनी श्रद्धाञ्जली अर्पित करते हैं |

आनन्द‌