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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

साम वन्दना : टेर हमारी सुन‌

ओ3म् इमं मे वरुण श्रुधि हवमद्दा च मृडय |
त्वामवस्युराचके || साम 1585||

हे नाथ दौड कर आजाओ, अरियों से हमें बचा जाओ|
प्रभु आज सुनो, प्रभु अभी सुनो, सुनकर पुकार तुम आजाओ||

हे वरुण तुम्हें है वरण किया
यह जग तुमने आवरण किया,
प्रभु तुम्हें प्रसन्न बनाने को
हमने सद्गुण आचरण किया|

आचरण देखकर दया करो, दु:ख दैन्य दूर करते आओ|
प्रभु आज सुनो, प्रभु अभी सुनो, सुनकर पुकार तुम आजाओ||

दु:ख दूर तुम्हीं कर सकते हो,
सुख पूर्ण तुम्हीं कर सकते हो,
निज क्रृपा करों के करतब से
तुम नाथ त्राण कर सकते हो|

कर वरण किया गुण धारण भी, व्यापक चरण बढाते आओ|
प्रभु आज सुनो, प्रभु अभी सुनो, सुनकर पुकार तुम आजाओ||

यह टेर हमारी सुन लोगे,
तो पूर्ण आशा भी कर दोगे,
हम इसी लिए आहुति देते
होकर प्रसन्न तुम ले लोगे|

प्रिय सुनो, सुनो हे नाथ सुनो, संरक्षण किए चल्र् आओ|
प्रभु आज सुनो प्रभु अभी सुनो, सुन कर पुकार तुम आजाओ||

(साम वन्दना से साभार)