ओ3म् ध्वज और राष्ट्र ध्वज तिरंगा झन्डा

मान्य विद्व्दगण,
नमस्ते|

कृपया मेरे इस प्रश्न का उत्तर देकर समाधान करें ओ3म् ध्वज और राष्ट्र तिरंगा झन्डा
इनमें से कौन से ध्वज को ऊँचा रखना चाहिये जब एक ही स्थान पर दोनों को
फहराना हो?

प्रश्नकर्ता:
राजेन्द्र आर्य
362‍ ए गुरुनानक पुरा,
सुनामी गेट,
संगरूर 148001 (पंजाब)

9041342483

आदरणीय

आदरणीय राजेन्द्र आर्य जी

मेरे विचार से तो ओउम् ध्वज ही ऊपर रहेगा चूँकि इसके नीचे ही दुनिया के सभी ध्वज आते हैं | जिस राष्टृ में परमात्मा का ध्यान व विश्‍वास नहीं रहता वहाँ पर सभी बुराईयाँ पनपती हैं |

आनन्द‌

नमस्ते

नमस्ते राजेन्द्र आर्य जी,

आप यह‌ प्रश्न से ठीक क्या पूछना चाहते है , यह मै स्पष्टता पूर्वक नहि समझ रहा हूँ | किन्तु जितना मेरे पास‌ knowledge & information है , वहाँ तक ध्वज तो एक नश्वर वस्तु मात्र है | हम यह उपस्थित विचार की समानता सत्यार्थ प्रकाश के यह अन्श से कर सकते है ,

प्रश्न : क्या वेद मन्त्र जिस पुस्तक मे लिखे हुए है , उस पुस्तक को पवित्र मानकर ,उसकी पूजा परमेश्वर की भाँति करनी चाहिए ?

उत्तर : क्या पुस्तक के कागज , कलम आदि पदार्थ की सर्वत्र व्याप्त परमेश्वर के साथ तुलना की जा सकती है ? नहि, किन्तु वास्तव मे पुस्तक के भीतर लिखित मन्त्रो का उपदेश एवं उनका अनुसरण करना , परमेश्वर की उपासना होगी |

तथापि हम यह मुद्दे पर अधिक प्रकाश डाले तो , हम इतिहास एवं वर्तमान का अवलोकन करे तो भी कहाँ किसी का ध्वज फहराने से उनकी महानता साबित हुई है ? क्या आप भूल गए यह की , हमारे भारत देश मे कई घर एवं स्थल ऐसे है (कई बार तो जाहेर स्थल‌) जहाँ पे आए दिन किसी अन्य देश के ध्वज फहराने की परंपरा है (particularly of our " neighbour country's ") , फिर भी वे दोनोँ समूह के दुष्ट मनुष्योँ एकत्रित हो कर भी हमारा कुछ बिगाड पाए ?? नहि कदापि नही , उलटा जब भी हम पर आक्रमण हुआ है , तब सभी बार हमने उन को परास्त किया है , करते रहेँगे । यह पूरी प्रक्रिया मे न तो हमारे देश के कुछ स्थल पर उपस्थित , या तो फिर‌ उनके देश पर उपस्थित उनके फहराते ध्वज का अँतिम परिणाम पर असर हुआ था ।
कुशल (अहमदाबाद ,गुजरात‌) ।।

प्रिय कुशल

प्रिय कुशल आर्य जी नमस्ते |

निवेदन है कि आपने ध्वज बारे अपने विचार रखा कि ध्वज तो नश्वर वस्तु मात्र है,
यदि ऐसा सोचें तो हमारे उद्घोष ओ3म् का झन्डा ऊँचा रहे, झन्डा ऊँचा रहे हमारा
निरर्थक हो जायेंगे | हम यज्ञोपवीत धारण करते हैं वह भी आपके विचार से जड़ वस्तु
होने से धारण करना व्यर्थ ही माना जायेगा परन्तु ऐसा नहीं है ध्वज और यज्ञोपवीत का
महत्व बहुत बड़ा है अस्तु |

स्वामी विद्द्यानन्द सरस्वती जी की पुस्तक "खट्टी मिट्ठी यादें" का स्वाध्याय करें तो
पता चलेगा कि ध्वज का महत्व कितना बड़ा है
: स्वामीजी एक कालेज के प्रिन्सीपल भी थे, एक बार गणतन्त्र दिवस पर कोई बड़ा
अधिकारि राष्ट्रिय ध्वज लहराने आया तो उसने देखा कालेज हाल के ऊपर ओ3म् ध्वज
ऊँचा पहले ही लहरा रहा है जिसे देख कर अधिकारी ने कहा के ओ3म् का झण्डा उतारा
जाये क्योंकि राष्ट्रिय ध्वज से ऊँचा कोई ध्वज नहीं रह सकता तब स्वामीजी ने कहा
था कि ओ3म् ध्वज से बड़ा कोई ध्वज नहीं हो सकता और अधिकारी को वापस भेज
दिया और आर्यसमाज के प्रधान के हाथों विधिवत फहरा दिया गया |
ओ3म् ध्वज साम्प्रदायिक नहीं है विश्व का 2 अरब वर्ष पूराना ध्वज है वैदिक संस्क्रिति की
आन मान और शान है | अत: इससे ऊँचा कोई भी झण्डा नहीं लहरा सकता | जैसा कि
आद्र्णीय आनन्द जी ने भी मेरा समर्थन किया है धन्यवाद |

राजेन्द्र आर्य‌

प्रस्तुत

प्रस्तुत है ओ3म् ध्वज से सम्बद्ध एक जोशीला गीत:

यह ओ3म् का झन्डा आया |
ऋषि ने लाखों कष्ट उठाये,
जहर पिया और पत्थर खाये|
तभी इसे लहराया||
यह ओ3म् का झन्डा आया |
श्रद्धानन्द ने गोलियाँ खाकर,
लेखराम ने अपनी जान गंवाकर
ऊँचा इसे उठाया |
यह ओ3म् का झण्डा आया |
गुरुदत्त ने प्राणों से प्यारा,
हंसराज ने निज जीवन सारा,
इसी की भेंट चढ़ाया |
यह ओ3म् का झण्डा आया ||
आर्यजनों की शान यही है,
आन यही और मान यही है,
ऋषिवर ने फरमाया |
यह ओ3म् का झण्डा आया ||
भक्तों का परामर्श यही है,
शहीदों का आदर्श यही है,
दयानन्द ने बताया |
यह ओ3म् का झण्डा आया ||
लाख मुसीबत सिर पै धरेंगे,
हम सब इसकी रक्षा करेंगे,
हमने पथिक अपनाया|
यह ओ3म् का झण्डा आया ||

प्रिय

प्रिय राजेन्द्र आर्य जी,

इस मे कोई शँका नहि है की ओउम् ध्वज लहराने मे हमारे कई आर्य शहीद हुए है | तथापि मै स्वयं भी ओउम् ध्वज का बहुत आदर करता हूँ ,मैँने अपने कम्पयूटर के डेस्कटोप पर भी ओउम् ध्वज का wallpaper रखा है | अधिक मैँ आपके लेख मे उल्लेखित , स्वामी विद्द्यानन्द सरस्वती जी की पुस्तक "खट्टी मिट्ठी यादें" की बात करूँ, तो उस पुस्तक मे दर्शायि हुइ ओउम् ध्वज की महिमा से मैँ अपरिचित था |
किन्तु मेरी इस comment से मुझे एवं अन्य आर्य बन्धुओँ को आपके द्वारा उल्लेखित ओ3म् ध्वज से सम्बद्धित‌ एक जोशीले गीत से परिचित होने का अवसर तो मिला | आप इसी भाँति हमे सुवर्ण आर्य इतिहास से परिचित रखिए राजेन्द्र आर्य जी|
- ‍‍‍धन्यवाद‌
=कुशल ||