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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

श्री अशोक कौशिक जी की याद में

श्री अशोक कौशिक जी एक निर्भीक, आर्यसमाज के महा विद्वान, लेखक और सम्पादक थे
6/4/2011 को पंचतत्व में विलीन हो गये, मैं उन्हें श्रद्धाञ्जलि अर्पित करता हुँ |
मैं पत्रिकाओं में प्रकाशित उनके लेख आद्दोप्रान्त स्वाध्याय कर ज्ञान प्राप्त करता रहा हुँ |
वो लेखनी के महान थे उनके लेखों में अधिकतर पाखण्ड निवारण होता था क‍ई लेख मेरे
संग्रह में आज भी सुरक्षित हैं जैसे: बोया बीज बबूल का आम कहाँ से खाँय ? आदि |
उनके निधन से आर्य जगत उनके महान कार्यों से वँचित हो गया है | उन द्वारा दिया ज्ञान
सुरक्षित और प्रचारित करना सभी आर्यों का कर्तव्य है |

राजेन्द्र आर्य
362 ए, गुरुनानकपूरा, सुनामी गेट,
संगरूर 148001 (पंजाब)
चलभाष : 9041342483
ईमेल : rajenderarya49@gmail.com

माननीय

माननीय श्री आनन्दजी, नमस्ते |
आपका ईमेल संदेश बहुत ही प्रशन्सा भरा मिला धन्यवाद् |
आपके ईमेल पर ही उत्तर भी देते हुए अपना संक्षिप्त परिचय भी दे दिया है|
आशा है इसी प्रकार सम्पर्क बनाये रखते हुए ज्ञान का आदान प्रदान करते रहेंगे |

बहुत बहुत शुभ कामनाएँ |

शुभेच्छु:

राजेन्द्र आर्य‌
362-A, Gurunanakpura,
Sunami gate,
Sangrur - 148001 (Punjab)
Mobile : 9041342483
Email : rajenderarya49@gmail.com