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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

यज्ञ और प्रार्थना में अमोघ बल है |

हे परमेश्वर जन जन मे यज्ञ रूपि श्रद्धा का संचार उत्पन्न हो |
श्रेष्ठ मानवों को आज एक और स‍गठित होकर प्रत्येक आर्यसमाज और सभी धार्मिक
स्थानों में प्रतिदिन यज्ञ का आयोजन अवश्य करें इससे आत्म बल, संकल्प बल और मनोबल
में वृद्धि होकर धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष सुखों की प्राप्ति होती है क्योंकि यज्ञ और
प्रार्थना में अमोघ बल है, यह परमात्मा का उपदेश है|

सभी श्रेष्ठ जनों से विनम्र निवेदन है कि बाबा रामदेव जी महाराज अपने मिशन में
विजय प्राप्त‌ करें इसी प्रार्थना के साथ यज्ञ करके वातावरण को विजयात्मक बनायें|

यज्ञ जीवन का हमारे, श्रेष्ठ सुन्दर कर्म है|
यज्ञ का करना कराना, आर्यों का धर्म है||
यज्ञ से हो शुद्ध काया, व्याधियाँ सब नष्ट हों|
यज्ञ से सुख सम्पदा हों, दूर सारे कष्ट हों ||

ओ3म् शुभम् भवतु|

राजेन्द्र आर्य‌

वैदिक युग

वैदिक युग का निर्माण

यज्ञमय अखिलेश, ऐसी आप अनुकम्पा करें|
यज्ञ के प्रति आर्य जनता, में अमित श्रद्धा भरें||

यज्ञ करने से वैदिक युग का निर्माण सम्भव है|

बाबा रामदेव के प्रति उदासीन सरकार भृष्टचार की जननी है इसे उखाड़ फैंकने
की प्रार्थना यज्ञ करके नित्य करे और जन जन में ऐसी भावना हो कि ऐसी
सर्कार फिर कभी ना आने पाये अपना वोट सोच समझ कर दें|
भरतवासियो जागो कि कैसे लोगों के हाथ में देश की बागडोर सम्भाल दी है
अब सम्भल जाओ|

भारत माता की जय |

राजेन्द्र आर्य‌