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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

JALIA WALLAH BAG was being RESURRECTED

The history is repeating. JALIA WALLAH BAG was being RESURRECTED. One Police man , when asked why are u doing so much cruelity on unarmed people, the police man replied, this is not even a fragment of what has been actually ordered.

The people are sleeping after a full day of doing Satvik Tap, right in the midnight at 1 AM sharp, heavy police force arrives. The Baba and all the people present are suddenly awakened by the presence of heavy police force. The Baba calms them down and asks them not to attack the police force. Just make a ghera of young women & men. The motive of the force is unknown to the common people. They just surround the Baba and shouted bharat Mata ki jai, Vande Mataram, O>>>>>>M. The police starts using force on unarmed people. The baba & the people run back to the stage. The Tapasvi people want to save their leader at any cost. Lot of them gather in front of the stage.They start chanting O>>>>>>M dhwani, Gayatri mantras, Vande Mataram, Bharat Mata ki jay. The defence of the people is broken by the brute force. The baba then tells his people not to give away even if it requires to absorb the blows of lathis, Young & old fight bravely, but how can the unarmed men fight with 5000 strong armed police force ? Force starts using teargas shells, fires bullets and storms at the helpless people. People got lathis and bullets, but they wont give up. Ultimately however they are all pushed & thrown out of the pandal with so many left seriously injured.

Had people started resisting with any sort of weaponary, the brutal force would have finished all the people including Baba Ramadev ji. The cruelity stopped just a hairline before converting the Satyagrah movement in to a massacre. Had the Media presence not been there it would have been surely become a Resurrection of Jallian wallah Bagh.

It was just the Gods grace, that Yogi & Tapasvi people were saved, or we may say, it was also the resurrection of the event of escape of Krishna from the cruel hands of Kansa or the escape of Shivaji from the jail of Aurangjeb. Baba Ramdev ji escaped from the cruel Hands of black Englishmen.

They are again after him. They have filed an FIR against him. 'उल्टा चोर‌ कोतवाल‌ को डांटे|'

देश क्यों सोता है ?

कर रहा राज्य हम पर

भ्रष्टाचारी धन का बल

अन्धा कर दिया है जिसने

हर मानव का बुद्धि बल

वह देख नहीं पाते अब

क्या बुरा है, क्या अच्छा है

भुखे मरतों पर जिनकी

कभी नजर नहीं जाती है

वह क्या जानें जीवन को

क्या जानेँ तप के फल को

फिर भी देश क्यों सोता है ????

Sh.Anand Bakshiji, Dhanyavad

Sh.Anand Bakshiji, Dhanyavad for details Now onwards we should expose all agencies who were involved in such barbaric action on sleeping tapasvi at Ramleela Maidan.
We are sure that congress men are not happy to listen/hear loud lalkar of
---Bharat Mata ki jai
--- Vande Mataram
by Yogi and tapasvi led by Swami Ramdevji.
This clearly shows that congress run govt is afraid of patriotic jan and always ready to crush them.
So movement against corruption/corrupt politicians and black money should continue.
SATYA ki Jeet HO
Astya ka nash ho
Vedic Dharam Ki Jai
OM

I think this is one event

I think this is one event which has started 'ULTI GINTI' of Congress's existance, not only of its comeback. If they can't foresee it & rectify their faults, it is their BAD LUCK.

With Dhanyawad
Anand

मान्य श्री

मान्य श्री आनन्दजी, नमस्ते |

आपके मनोभाव देश भक्ति से ओतप्रोत और लोकतन्त्र को मजबूत करके
हर राष्ट्र प्रेमी में जोश भरने वाले हैं | आज पूजनीय स्वामी रामदेवजी महारज
के अनशन का पाँचवां दिन है और पानी के सिवाय कुछ भी ग्रहण नहीं किया,
डाक्टरों ने उनके शरीर की जाँच के बाद तबियत ठीक न होने का संकेत दे कर
अनशन समाप्त करने की सलाह दी है | लोकतन्त्र ध्वस्त करने वाली भ्रष्ट
सरकार उनकी मांगों के प्रति आश्वस्त नहीं लगती, यदि आज महात्मा गाँधी
भी आकर अनशन करे तो उसके प्रति भी ऐसे भ्रष्ट शासक मानने वाले नहीं हैं|
आज सारे राष्ट्र भक्तों को मिलकर बाबा रामदेव जी के अनशन को यहीं तक
विराम दे देना चाहिए क्योंकि आर्यसमाज के छठे नियम अनुसार् "सारे संसार का उपकार करना
इस समाज का मुख्य उद्देश्य है अर्थात शारीरिक, आत्मिक और सामाजिक उन्नति करना"
अत: शारीरिक उन्नति के बिना पूर्ण सफलता नहीं मिलती, हाँ जन जाग्रण होकर
सरकार के विरुद्ध आक्रोष जाग उठेगा |
सभी से प्रार्थना है, अनशन् शीघ्र समाप्त करवाने का आग्रह किया जाना चाहिए|
और शारीरिक बल से युक्त होकर दुष्ट और भ्रष्ट सरकार के प्रति जंग का
बिगुल बजा देना चाहिये, सारा देश एक होकर स‍गठित हो जाये तो इस देश में
कोई दुष्ट न रहे|
ओ३म् विजयी भव: |

राजेन्द्र आर्य‌

रहो

रहो सावधान

ओ३म् भद्रा वस्त्रा समन्या३वसानो महान् कविर्निवचनानि श‍सन्|
आ वच्यस्व चम्वो: पूयमानो विचक्षणों जागृविर्देववीतौ||साम १४००||

हो छोटा बड़ा काम कोई, महायुद्ध या व्यवहार आम|
हर समय रहें हम सावधान, वर्चस्व तभी हो सफल काम||

हो गया जन्म सो जीना है,
मरने तक खाना पीना है,
मत लक्ष्यहीन हो दृष्टिकोण
जीना कर सुयश पसीना है|

फिर भी आजाये प्रमाद नहीं, श्रमशील क्रिया तन बने धाम|
हर समय रहे तु सावधान, वर्चस्व तभी हो सफल काम||

राजेन्द्र आर्य‌

महाश्राप:

महाश्राप: कांग्रेस बड़वक्ता दागमिले और कुटिल छिब्बड़ को कीड़े पडें

विश्वप्रसिद्ध योग ऋषि स्वामी राम देव जी के भृष्टाचार मिटाओ सत्याग्रह को नौटंकी कहने
वाले और मजाक उड़ाने वाले भारत माता के गद्दार कांग्रेस बड़वक्ता डोग्गी और बकवासी
कुटिल् चेहरे वाले कुटिल छिब्बड़ को हम सब श्राप देते हैं कि इनके शरीर में कीड़े पड़ें,
इनका सत्यानश हो, प्रभु इन्हें दण्ड देवे, यही सबसे अधिक देश दुश्मन और लोकतन्त्र
का हनन करने वाले हैं| आओ सब मिलकर इन्हें महा श्राप देकर अपने आप को धन्य
करें|

सभी श्राप दो ताकि भारत माता की रक्षा हो|

राजेन्द्र आर्य‌

जिस जिस

जिस जिस मन्त्री सन्तरी नें इस‌ जनता पर ढाये गये 4,5 जून की आधी रात्रि में किये गये घोर अत्याचार में कोई भी भूमिका निभाई है, उन सभी का नाश निश्‍चित है | भारत की सारी जनता इन्हें श्राप देगी ही नहीं , सदा सदा ही देती रहेगी | वे सब इससे पीछा नहीं छुड़ा सकते, क्योंकि निहत्थी मजबूर प्रजा पर अत्याचार करने से बड़ा पाप क्या हो सकता है ? कोई इनमें मानव होता तो देख सकता, पर अब यह साबित हो गया है कि इनमें एक भी मानव नहीं है | ये सब पशु हैं और पाश्‍विक्‍ता पर उतर आये हैं |

आचार्य जी आपने बिलकुल सही लिखा है, सब इन्हें श्राप दें, मिलकर दें व देते ही रहें |

आनन्द‌