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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

शस्त्र वा शास्त्र

शस्त्र व शास्त्र की शिक्षा का हक तो प्रत्येक भारतवासी का है, ताकि वह अपने आत्म सम्मान की स्वयं सुरक्षा कर सके |

आनन्द‌

मैकाले की

मैकाले की शिक्षा पद्धति यह थी कि भारत को उसकी आध्यात्मिक शिक्षा से किसी भी प्रकार से अलग कर दिया जाय | इसका उपाय उसने यह निकाला कि शिक्षा को व्यवसायिक सीमा में बांध दिया जाय | लोगों में एक दौड़ उत्पन्न की जाय, जो सिर्फ और सिर्फ व्यवसाय की परिधि में ही सीमित हो | मैकाले से पहले जो अध्यात्मिक गुणों की चाह जन जन में थी, उसको इस प्रकार से धराशायी करने का प्रयास किया गया | यह उपाय सफल फिर भी न होता यदि हमारे यहाँ कुछ् विलायत से पढ़े व बिके हुए लोग स्वतन्त्रता प्राप्ति के समय चौधरी न बनाये जाते | यह हमारा बहुत बड़ा दुर्भाग्य था कि ऐसे लोग विशुद्ध भारतीयता की बात करने वालों पर तरजीह पा गये | उसका फल हम आज देख पा रहे हैं, भोग रहे हैं | आज हम ऐसे बन गये हैं कि यदि हमसे कोई सम्पूर्ण मानव बनने की बात करता है तो वह हमें रूढ़ीवादी लगता है | बस विकास के नाम पर पैसा पैसा करते रहने में ही हम अपनी उपलब्धियों की इतिश्री मानते हैं |

यही कारण है कि आज शौर्य व स्वाभिमान की जनक, सम्पूर्ण वैदिक शिक्षा की बात भी किसी को समझ में नहीं आती है | क्या बिना शारीरिक बल के, बिना आत्म ज्ञान के केवल व्यवसायिक शिक्षा हमें सुख दे सकती है ? क्या यह हमें हमारी स्वतन्त्रता को बरकरार रखने में सक्षम बना सकती है ? कमजोर इंसान कितना ही धनवान हो जाय वह सदा गुलाम बनाया जा सकता है, जबकि शक्तिशाली इंसान सदा राज करता है | इसीलिए हमारे शास्त्र हमें सम्पूर्ण शिक्षा से जिसमे व्यवसाय से भी अधिक अध्यात्मिक, शारीरिक, मानसिक व सामाजिक मूल्यों की शिक्षा दी जाती है उस विद्या से हमें अविभूत करते हैं नकि केवल व्यवसायिक शिक्षा से, जो कि आज की व्यवस्था का मूल आधार है और जो हमारे पतन का मूल कारण बन गयी है, हम बचे रह सकें, व इस प्रकार मानवता के उच्चत्तम शिखर को प्राप्त कर सकें |

आनन्द‌

Sh.AnandBakshi ji, Baba

Sh.AnandBakshi ji, Baba Ramdev ji has actually suggested to samaj/society to adopt education of shastra and Shaashtra for self defence.Nobody can prevent Indian to learn self defence techniques.
So I agree with you that education of shasra and shaastra should be considered and further debate on both about pros and cons.
In mean time ,DAV Institutes should chalk out syllabus about both subjects and take initiative in this direction.

Sh.AnandBakshi ji, Baba

Sh.AnandBakshi ji, Baba Ramdev ji has actually suggested to samaj/society to adopt education of shastra and Shaashtra for self defence.Nobody can prevent Indian to learn self defence techniques.
So I agree with you that education of shasra and shaastra should be considered and further debate on both about pros and cons.
In mean time ,DAV Institutes should chalk out syllabus about both subjects and take initiative in this direction.

Namastey Anand Bakshi ji

Namastey Anand Bakshi ji
as you have rightly pointed out , we have not good education system in India, Macaulay had really done a big damage to indian vedic culture , but the true thing is that after having independence it is also like our leaders have done nothing to prevent vedic culture or to revise the educational system established before by Britishers. our administration after independence was involved in solving many other big disputes like 1948 war, then terrorism in kashmir , 1962 china war , internal conflicts like communal riots , regional disputes of gujarat, nagaland , goa ,punjab etc. states , then 1965 war was big drawback in our progress . but true thing is that our then prime minister "mulla" jawaharlal nehru had time to solve issues between african countries in 1962 but not for china war , he was big curse for our glorious nation. Thankfully sardar vallabh ji had solved many regional issues.
So overall in this big rush no one had come up front to change educational system fully, which was indeed much essential one. Had it like we students were getting nowadays education of vedas & weapons & in addition some military like physical training then , this terrorism group like lashkar-e-tauba, ISI, SIMI will be thinking thousands of time before carrying out any conspiracy to harm our nation like bomb blasts & all that .
To be honest with all of you . after independence it was like all the rules,laws & orders were in our hands . we should have created brand new india as per our desire regardless to whatever damage Britishers had done. But all was bloody shit Nehru family's monarchy they have done all the effort to earn vote bank by implementing B.C. Bakshi like reserve quatas, SEBC , ST like cast system benefits they are giving in education & government jobs . It's simple ,Baba Ambedkar was ill minded person, ofcourse guy who had accepted Budhdhism like nonsense, supprtless, mindless fake religion cant be smart. he had founded all the wrong law-system in india. so we should now shame for our bad leaders like ambedkar , nehru etc. & pray to Parmeshwar that now no more such impotent persons born in India.

वैदिक युग

वैदिक युग का निर्माण

ओ३म् मा नो अग्ने महाधने परावग्भार्रभृद्द्था|
संवर्ग सं रयिं जय|| साम १६५०||

जो दिया हमें पर्याप्त दिया, उपयोग हमें इसका आये|
हन भार उठाते रहें व्यर्थ, धन अन्य न कोई खा जाये||

शस्त्र और शास्त्र से हम सदा संयुक्त रहें, इसीलिये तो आर्यसमाज ने आर्यवीर दल का संगठन
तैयार किया हुआ है, हे आर्य वीरो अब शस्त्र और शास्त्र (बल और ज्ञान) से युक्त होकर
भृष्ट और दमनकारी सरकार को उखाड़ने के लिये तैयार हो जाओ अब समय आ गया है|
बाबा रामदेव पर हुए अत्याचार का प्रत्युतर आपने ही देना है अब सभी आर्यवीर सशक्त और
सचेश्ट हो जायें |

भारत माता कि जय|

राजेन्द्र आर्य‌