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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

अग्निवेश आर्यसमाज ही नहीं भारत का भी दुश्मन है |

Will not allow communal forces to hijack anti-corruption movement: Swami Agnivesh
Published: Friday, Jul 1, 2011, 18:08 IST
Place: Kochi | Agency: PTI

Social Activist Swami Agnivesh today said communal forces and political vested interests would not be allowed to 'hijack' the anti-corruption movement by civil society activists, led by Anna Hazare.

'We cannot have truck with any communal forces. We cannot allow communal forces and political vested interests to hijack our movement', he told a meet-the-press programme organised by Ernakulam Press club here.

Asked if Yoga guru Baba Ramdev's crediblity had taken a beating after the Ram Lila incident where he tried to escape police action by hiding behind his followers and women, Agnivesh said he (Ramdev) had committed some mistakes and that Team Anna has no connection with Ramdev.

"The movement by Baba Ramdev was not properly articulated. When he decided to run away, making people human shields, changed into women's clothes. That was very unfortunate. If he has any truth in his movement, he should repent and admit publicly that he had committed a big mistake," Agnivesh said.

"We are asking for a Lokpal independent of the government. Prime Minister's office, judges of High Courts and Supreme Courts and Chief Justices and conduct of MPs should all form part of the Lokpal bill," he said.

Stating that Team Anna was not out to destablise the country, he pointed out that former Prime Ministers Rajiv Gandhi and Narasimha Rao were investigated, but that nothing had come out of those probes.

Agnivesh said there should be Lokpal as independent as the Supreme Court, Chief Election Commissioner and CAG. "These are independent agencies and we are seeking the same status for Lokpal, nothing more or nothing less," he said.

He congratulated the government for improving their original draft, but said it was not yet satisfactory and suggested a provision to protect whistleblowers be included

He said civil rights activists would organise various activities from August 9-15 and observe August 9 as 'quit corruption' day.

अग्निवेश को स्वामी शब्द से मान्यता देना, शर्म से डूब मरना है जिसने विश्व प्रसिद्ध योग गुरु
स्वामी रामदेव जी महाराज के बारे में इतनी घटिया टिप्पणी देकर सिद्ध कर दिया है कि यह एक
बहुत घटिया किस्म का राक्षस है जिसने पहले आर्यसमाज को खराब करके महर्षि दयानन्द की
आत्मा को ठेस पहूंचा‍ई और अब बाबा रामदेव जी के बारे में ऐसी टिप्पणी देकर अपनी राक्षस
प्रवृति सिद्ध करके भारत का दुश्मन बन गया है, मैं सभी प्रबुद्ध जनों से प्रार्थना करता हूँ कि
इस टिप्पणी की निन्दा करते हुए अग्निवेश की राक्षस वृति को सारे भारत मे‍ उजागर करके
इसे स्वामी शब्द से कभी सम्बोधित न करें और इस राक्षस से आर्यसमाज और भारत को
बचायें |

मेरा प्यारा भारत देश,
देश का दुशमन अग्निवेश|||||

ऱाजेन्द्र आर्य‌

आचार्य

आचार्य जी
आपके रोष में कोई अतिश्योक्ति नहीं है | अन्ना की टीम एक ऐसा गठजोड़् है, जिसमें सब प्रकार के तत्व विद्यमान हैं | कुछ सरकार के दलाल हैं, कुछ स्वार्थी हैं, कुछ अहंकारी हैं, अत: अना का सारा का सारा कार्य एक नाटक बन कर ही रह जाएगा, इसकी ही सम्भावना है | वैसे भी, इस देश में अभी नियमों की नहीं, नियमों को लागू करने वालों की आवश्यक्ता है | मान लीजिये कि एक अच्छा लोकपाल बिल बन जाता है तो क्या उसको लागू करनेवाले सरकार के खरीदे हुए दलाल नहीं होंगे ? यदि जनता के चुने हुए लोग अधिकार पाते ही भ्रष्ट हो जाते हैं , यदि सरकार CVC जैसी संस्था में किसी भ्रष्ट आदमी को रखने में हिचकिचाती नहीं है तो कहां सम्भव है कि ये लोकपाल बने लोग भ्रष्ट नहीं होंगे ? क्या यह सब सरकार की ड्रामेबाजी है जो असली मुद्दे से जनता का ध्यान अलग करना चाहती है | असली मुद्दा है Action | आज की सर्वप्रथम आवश्यक्ता है काले धन को देशविरोधी कार्य घोषित करना व उसे लाने हेतु अध्याधेश जारी करना | इस अति महत्त्वपूर्ण कार्य को छोड़कर अन्ना जी कहां लग गये हैं ? क्या वे उस राह पर नहीं निकल पड़े हैं जिसका कोई अन्त नहीं है | क्या वे केवल अपने आपको गांधी के नाम से सुसज्जित करना चाहते हैं | यदि वे स्वामी रामदेव जी के अंदोलन में प्रश्नचिह लगाते हैं , तो यह सत्य स्वयं ही प्रगट हो जाता है | वैसे कभी गांधी जी भी अंग्रेजों की चालाकी में फंस कर Transfer of Power Aggreement को मानने की भयंकर भूल कर गये थे | क्या अन्ना जी वैसी ही भूल से बच पाएंगे, यह एक विचारणीय प्रश्न‌ है |

मेरे मन की

मेरे मन की पीड़ा :

समादरणीय श्री आनन्दजी,

अन्ना हजारे ने भी दर दर जाकर भीख मां‍गनी शुरु कर रखी है उसकी टीम में भी
राक्षस अग्निलेश जैसे लोग होंगे तो लोकपाल भी ऐसा गर्त में जायेगा कि इनकी टीम
तितर बितर हो जायेगी, राक्षस अग्निलेश ही अन्ना हजारे के अनशन को फेल कर देगा
भ्रष्टाचार और बढ़ जायेगा | इसने तो भ्रष्ट सरकार की शह पर सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा
पर बलात कब्जा कर रखा है | आर्य जनों का संगठन मजबूत होकर इस राक्षस अग्निलेश से
आर्यसमाज को बचाना होगा | यह भारत का भी दुश्मन है | इसको थप्पड़ खाकर भी शर्म
नहीं आयी इसका तो जूते मार मार कर सिर फोड़ देना चाहिये |

मेरा प्यारा भारत देश |
भारत का दुश्मन अग्निलेश ||

धन्यवाद आनन्दजी
अग्निलेश की टिप्पणी से पिड़ित :

राजेन्द्र आर्य‌

World's top most black money

World's top most black money account holders of Swiss Bank in Swiss Investment magazine

In 1991, The effects of License Raj, reached a Flash Point.

India's fiscal deficit was 8.5 percent of GDP. The country faced a huge Balance of Payments crisis.

and was heading towards a default, and the Reserve Bank refused additional credit.

India had to mortgage its gold deposits to raise money from IMF.

In other words, Indian Economy stared at Bankruptcy.

Foreign reserves barely amounted to $ 1 billion. (only worth one weeks of Import)

At that time, RAJIV GANDHI HAD 2.2 BILLION DOLLARS IN THE SWISS BANK.

Here is the proof of Black money of sonia. it was around 13000 CRORES (2.5 Billion swiss Franc) in the year 1991 in secret acount of swiss bank. This article was published under the heading of "DIE Schweizer Konten der Diktatorane",in a Swiss magazine "SCHWEIZER ILLUSTRIETE"in 11th Nov 1991 issue. It was showing amount diposited in secret accounts by different dictaters and currupt political leaders of world. The name and picture of late PM Mr Rajiv Gandhi can be very much seen.

Agnivesh is a real

Agnivesh is a real hindu/arya killer Pakhandswami . He is an agent of the Italian Antonia Miano alias Sonia Gandi. He support Desh Drohis and terrorists like the Jihadi in Kashmir and communist Moaist.

Patanjali