Skip navigation.
कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

राष्ट्रीय भाषा हिन्दी एवं सांस्कृतिक भाषा संस्कृत कैसे हों समृद्धतम ?

अंग्रेजों ने भारत छोड़ा तो सत्ता काले अंग्रेजों के हाथ आ ग‍ई जिन्होंने सब कुछ अंग्रेजों वाला ही अपना लिया | अब समय आ गया है कि इन काले अंग्रेजों को भगाकर भारतवासियों के हाथ सत्ता आनी चाहिये इंडियन‌ के हाथ नहीं | निवेदन है कृपया अपने सुझाव दें कि काले अंग्रेजो‍ से कैसे छुटकरा पाया जाये और राष्ट्रीय भाषा हिन्दी एवं सांस्कृतिक भाषा संस्कृत संसार की समृद्धतम भाषा कैसे बनेगी ?

भारतवासियों के प्रभावी सुझावों का स्वागत होगा, इंडियन सुझाव न दें तो अच्छा रहेगा |

धन्यवाद |

शुभेच्छु:

राजेन्द्र आर्य
संगरूर‌

ॐ..संस्कृत

ॐ..संस्कृत संसार की सबसे समृद्धतम भाषा है ही।

प्रिय

प्रिय आर्यवर, नमस्ते |
धन्यवाद, सही कहा आपने, दोनों ही समृद्धतम भाषाएं हैं परन्तु इन काले अंग्रेजों ने मैकाले पद्धति लागू करके अवरुद्ध‌ कर दिया है इनमें से क‍ई तो हिन्दी बोल भी नहीं सकते संस्कृत तो बहुत दूर की बात है, आपके धनात्मक विचार के लिए धन्यवाद |

राजेन्द्र आर्य
संगरूर (पंजाब)

हमे काले

हमे काले अङ्रेजो के हाथो से सत्ता को छुडवाना है.हमारे देश मे हर पान्च वर्षो के बाद वोटिङ् होती है.उस वोटिङ् के समय किसी भी पर्टी को वोट न देकर किसी ऐसी पार्टी को वोट देवे जो भ्रष्ट न हो.किन्तु आज हमारे देश मे मुझे नही लगता है कि कोई ऐसी पार्टी भी होगी.क्योकि यदि हम भूत मे जाये तो हर पार्टी ने हमसे धोखा किया है.चाहे बी.जे.पी. हो चाहे काङ्रेस.सब भ्रष्ट है.तो सर्वप्रथम कुछ् राष्ट्र प्रेमियो को एक ऐसी नयी पार्टि को बनाना है जो कि बिल्कुल साफ है.जो उस पार्टि के सदस्य हो,वे सब जनता द्वारा ही चुने गये हो.इसके लिये हमे पूरे देश के शहरो के नवजात से अगले ही क्षण मरने वालो और गाव के भी नवजात से अगले ही क्षण मरने वालो को जगाना पडेगा.

Qualifications of the members of the party:
(1)जो कोई भी इस पार्टी का सदस्य होना चाहे वह बहुत ही अधिक विद्वान होना चाहिये.
(2)वह यम व नियम पालनेहारा होना चाहिये.
(3)वह जितेन्द्रिय होना चाहिये
(4)वह चारे वेदो का साङोपाङ अध्यायन कर चुका होना चाहिये.
(5)धार्मिक होना चाहिये
(6)अपने देश के लिये जान भी कुर्बान कर देने वाला होना चाहिये.
(7)लोभी न हो.
इत्यादि.
यदि बुद्धू काङ्रेस् यह सब पार्टी को रोकना चाहे और शस्त्रो का प्रहार करे तो हमे भी ईन्ट का जवाब पत्थर से देना चाहिये.कुछ ऐसा करना चाहिये जिससे हमारी ही पार्टी को वोट मिले.फिर तो जीत सुनिश्चित है.फिर दुष्टो के मध्य रुद्र बनकर उनका सम्हार करना चाहिये.

हमे फिर हिन्दी व सन्स्क्ऋत को सन्सार की सम्ऋद्ध भाषा बनाना है.इसके लिये हमे हमारी जीत के बाद सन्स्क्ऋत को राष्ट्रिय भाषा घोसित कर देना चाहिये.सन्स्क्ऋत व्यकरण के बारे मे समाज मे व्यप्त बहुत ही जटिल भ्रान्तियो को जला देना चाहिये.

bhasha vyakti ke vicharo,

bhasha vyakti ke vicharo, bhavanao ki abhivyakti ka madhyam hai. jaise ishwar ne sabhi manushayo ko unke jamsthhan ke anusar bhinn rup aur rang diye vaise hi bhasha bhi. koi bhi bhasha buri nahi hoti, lekin kisi ke prati bair bhav bura hota hai.

Devnagari (Hindi) evm sunskrit dono hi smpurn evm smridh bhasha hain, lekin vyavhar me unka prchar kam ho gaya hai, aur iske liye koi rajnitik parti ya koi vishesh samuday utardayi nahi hai, apitu hum sabhi hain. Maine kai vayakityo ko kahate suna hai ki sunskrit ek mrit bhasha hai (dead language), aur ye kuch hud tak sahi bhi hai, yadi hum apni kamiyo evm bhoolo ko svikar karenge tabhi to hum svayam me sudhar kar payenge

Mere anusar kuch kary hamare star par aapekshit hain, jo hamare mantaya ko pura kar sakenge.
1. hame aapas me apani bhasha pryog karani chahiye.
2. hame apane bachcho aur apane se chhoto ko iska matav sikhana chahiye.
3. hame yah dhyan rakhan chahiye ki bhasha ka pryog dusaro ko prbhavit karane ke bajaye, apane vicharo ko us tak pahuchane ke liye hota hai.
4. adhik se adhik Hindi evam sunskirt ki workshop/ goshthiya/ baithake/ manch ka aayojan karaye, aur unme apane pariwar sahit bhag le.
5. aavashaykata padane par anya kisi bhasha ke shabd pryog karne me na hichkichaye.
6. kam se kam ek program durdarshan par parivar ke saath dekhe, o hamri sunskriti ko darshata ho.
7. udhharan de ki yadi soniya gandhi videshi ho kar hindi me bhashan de sakti hain to hum hindi kyo prayog nahi kar sakate. anya udhhaharan bhi diye ja sakte.

dhire dhire badalaw aata. teji se kewal vinash

Always accept the truth and

Always accept the truth and decline the false
श्री अखिलेशजी

मै भासा मे सुधार के लिये किसी पार्टी के लिये नही कह रहा हू.परन्तु एक पार्टी की जरूरत इस देश से भ्रष्टाचार मिटाने के लिये है.
आप कहते है कि भाषा चाहे कोई भी हो वह अच्छी ही होती है.मै इस बात का खण्डन निम्न प्रकार से करता हू:
सर्वप्रथम तो हम pronunciation पर विचार करेगे:
=> Look at the two words of english,one put and the pther but.
उच्चारण:(1)पुट (2)बट
दोनो समान है किन्तु उच्चरण मे भिन्नता क्यो?
पुट पट होना चाहिये या फिर बट बुट.
look at anothe pair of words in english,one chess and the other chemistry.
उच्चरण:(1)चेस (2)केमिस्ट्री
या तो चेस केस को या फिर केमिस्ट्री चेमिस्ट्री
अब हिन्दी के उचारण पर प्रकाश डाला जाता है:
कमल का उच्चारण कैसे होवे?बहुत आसान है.क म ल
कवि का उच्चरण कैसे होवे?बहुत आसान है क वि
तो इस प्रकार से हिन्दी व सन्स्क्ऋत ही सर्वश्रेष्ठ है अन्य नही.

जो उपाय आपने बताये है वे तो सब सही है.किन्तु पढने लिखने की भाषा कौन बदलेगा?सारा physics,chemistry,biology अङ्रेजी मे है.जब तक पढने लिखने की भाषा अङ्रेजी है तब तक कोई हिन्दी बोलेगा कैसे????

Jvb g kisi bhasa k liye esa

Jvb g
kisi bhasa k liye esa kahna vyarth. Hame dusro ko dosh ginane ki apeksha svyam ko unnat banana h. Jbki sabi ye jante h ki vo bhashae kitani gaharai tk hum logo ke bich bs chuki h.
Dusare ko chota karne ki apeksha hume svyam ko bada banana h.
Aur yadi aap baat sarlata ki kare to english me alphabet 26 h aur sunskrit me to aap jante honge.
Har ek vishay k liye hindi aur english me pustake uplabdh h. Aap kosis karenge to mil jayengi.