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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

जिंदगी में निराशा???

इंसान कभी कभी छोटी बात को भी बड़ा बना कर निराश हो जाता है ...कभी खेल में हार,कभी रिश्तो में हार,कभी दोस्ती में हार ,और कभी प्यार में धोखा.
लेकिन क्या निराश हो जाने से हम जीत जायेंगे???नहीं हमे कभी भी निराश नहीं होना चाहिए...
अब प्रश्न उठता है की क्यों न हो निराश,दुःख तो होता है...to read complete article click here <\a>
हमेशा याद रखे "इश्वर जो करता है अच्छा ही करता है"
अगर भगवन नहीं चाहता की ऐसा हो तो नहीं होगा...शायद उसके पास तुम्हारे लिए और कुछ अच्छा हो...तुम्हारे लिए एक बड़ा लक्ष्य हो,जिसे तुम ही जीत सकते हो..तुम ही हासिल कर सकते हो....
इसलिए मेरे दोस्त जिंदगी में कितनी भी परेशानी आ जाये मुस्कुराते हुए उसे सहो और मजबूत बनो,उससे अच्छा करने की कोशिश करो ,जीत तुम्हारी होगी....
भगवन हमारा पिता भी है और कोई भी पिता अपने पुत्र के साथ गलत नहीं करता इसलिए उसपर हमेशा भरोसा रखो....
ब्रह्मदेव वेदालंकार
(09350894633 )

आदरणीय पं.

आदरणीय पं. ब्रह्मदेव वेदालंकारजी, नमस्ते ।

अति प्रेरणादायक एवं सुन्दर लेखों के लिये धन्यवाद, आशा है भविष्य में भी इतना सुन्दर स्वाध्याय लाभ प्राप्त होता रहेगा । संगरूर आर्यसमाज का वेद उत्सव 14 नव्. से 22 नव. 2011 तक है जिसमें स्वामी विदेह योगी एवं उपेन्द्र आर्य वेद पर्वचन एवं भजनोपदेश होंगे । आपका बहुत धन्यवाद ।

राजेन्द्र आर्य
संगरूर
09041342483

email: rajenderarya49@gmail.com
rajendrap.arya@yahoo.com