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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

Sri Krishna was moksha prapt yogi said Swami dayanand from book Ved.viruddh.mat.khandanah

"यदि अपने को कृष्ण मानते हो तो यादव
क्षत्रियों के युद्धादि सब
कामों को क्यों नहीं ग्रहण करते ?
श्रीकृष्ण के सदृश पराक्रम आप लोगों में
क्यों नहीं दीख पड़ता? श्रीकृष्ण
तो परमपद को प्राप्त हो गये आप लोग
कैसे जीवते बने हो? और यदि अपने
को मनुष्य मानते हो तो अपने को उत्तम
मानने का अभिमान छोड़ देओ ।"
=पुस्तक -वेदविरुद्धमतखण्डनः,
स्वामी दयानन्द सरस्वती।

shri krishna ko maharishi

shri krishna ko maharishi dayanand ne yogiraj ki upadhi di...shri krishna ne geeta updesh mei ved ki hi baato ko kaha hai.....aap pravachan ke madhyam se ye video dekh sakte hai click here for video of Geeta pravachan