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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

Mantra of the day(Vedic thought of the day)

औषध सेवन:

इयं ते यज्यिया तनूरपो मुंचामि न प्रजाम।अंहोमुच: स्वाहाकृता:पृथिवीमाविशत पृथिव्या सम्भव॥(यजु।१४।१३)

भावार्थ:-मनुष्यों को चाहिये कि विद्या से परस्पर पदार्थों के मेल और सेवन कर रोगरहित शरीर तथा आत्मा की रक्षा करके सुरक्षित रहना चाहिये।

(महर्षि दयानन्द यजुर्वेद भाष्य)