Skip navigation.
कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

अगर ऋषिवर की बातों पर जमाना चल गया होता।

अगर ऋषिवर की बातों पर जमाना चल गया होता।
तो ये आँधी नहीं उठती ये तूफाँ ढल गया होता।।टेक।।

ऋषिवर देव दयानंद जी
चमक उठता जमाने में दुबारा वेद का सूरज।
...जिहालत का जो आलम है वो सारा जल गया होता।।1।।

कहीं मजलूम ना रोते कहीं निर्दोष ना मरते।
वक्ते गर्दिश ये सर से हम सभी के टल गया होता।।2।।

ना मुरझाते लता कलियाँ शाखे गुलशन की हर टहनी।
लगाया जो ऋषिवर ने वो पौधा फल गया होता।।3।।

अरे ‘बेमोल’ ना यूं नाचते गैरों के इशारे पर।
ना गौरव ही गया होता ना अपना बल गया होता।।4।।

SENDER:

RAJENDRA ARYA
SANGRUR (PUNJAB)
9041342483

Shri Rajendra ji Very hot

Shri Rajendra ji
Very hot song.It truly warms my heart.

बल लगाकर चलें यदि ऋषि की ओर।
तो पता चले क्या है असली जीवन।

Your friend
Vinay Arya
Managalpura(vill.),Ladnun(Teh)
Nagaur(Dist.),Rajasthan(State)
India(count.),Continent(Asia)
THE MOTHER EARTH(Planet)