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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

जमाने को सच्चा सखा मिल गया।

जमाने को सच्चा सखा मिल गया।
दयानन्द सा देवता मिल गया।।

सर्वोद्धारक स्वामी दयानंद जी
ये नैया वतन की भंवर में पड़ी।
...खड़ी सामने थी मुसीबत बड़ी।
अचानक इसे ना खुदा मिल गया।।1।।

तरफदार कन्याओं अबलाओं का।
हितैषी अनाथों का विधवावों का।
हमें राह में रहनुमा मिल गया।।2।।

परेशानियों मन्दे हालों के बाद।
बिछुड़ा पड़ा बहुत सालों के बाद।
कि बच्चों को उनका पिता मिल गया।।3।।

धर्म देश जाति की भक्ति मिली।
नई जिन्दगी नई शक्ति मिली।
‘पथिक’ क्या कहे क्या से क्या मिल गया।।4।।दयानन्द सा देवता मिल गया।।

सर्वोद्धारक स्वामी दयानंद जी
ये नैया वतन की भंवर में पड़ी।
...खड़ी सामने थी मुसीबत बड़ी।
अचानक इसे ना खुदा मिल गया।।1।।

तरफदार कन्याओं अबलाओं का।
हितैषी अनाथों का विधवावों का।
हमें राह में रहनुमा मिल गया।।2।।

परेशानियों मन्दे हालों के बाद।
बिछुड़ा पड़ा बहुत सालों के बाद।
कि बच्चों को उनका पिता मिल गया।।3।।

धर्म देश जाति की भक्ति मिली।
नई जिन्दगी नई शक्ति मिली।
‘पथिक’ क्या कहे क्या से क्या मिल गया।।4।।

SENDER: RAJENDRA ARYA
SANGRUR (PUNJAB)
9041342483