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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

तुम्हीं मेरे बन्धु सखा तुम ही मेरे /

तुम्हीं मेरे बन्धु सखा तुम ही मेरे /
तुम्हीं मेरी माता तुम ही पिता हो //

तुम्हें छोड़ किसकी शरण में मैं जांऊ /
है सब कुछ तेरा क्या तुझ पर चढाऊं /
...तुम्ही मेरी विद्या तुम्हीं मेरी दोलत /
मैं क्या-क्या बताऊं की तुम मेरे क्या हो //

तुम्हीं ने बनाये शशि चाँद तारे /
अगन और गगन जल हवा भूमि सारे /
तुम्हीं ने रचा है ये संसार सारा /
अजब कारीगर हो अजब रचयिता हो //

जमाना तुम्हें ढूंढता फिर रहा है /
न पाया किसी को छिपा है /
पता मिल रहा है पत्ते-तत्ते से तेरा /
गलत है जो कहते हैं तुम लापता हो //

अजब तेरी लीला अजब तेरी माया /
सभी से अलग है सभी में समय /
सत्ता से तेरी मुकर जांए कैसे की /
हर सूँ वीरेंदर रहे जगमगा हो ///
तुम्हीं मेरी माता तुम ही पिता हो //

तुम्हें छोड़ किसकी शरण में मैं जांऊ /
है सब कुछ तेरा क्या तुझ पर चढाऊं /
...तुम्ही मेरी विद्या तुम्हीं मेरी दोलत /
मैं क्या-क्या बताऊं की तुम मेरे क्या हो //

तुम्हीं ने बनाये शशि चाँद तारे /
अगन और गगन जल हवा भूमि सारे /
तुम्हीं ने रचा है ये संसार सारा /
अजब कारीगर हो अजब रचयिता हो //

जमाना तुम्हें ढूंढता फिर रहा है /
न पाया किसी को छिपा है /
पता मिल रहा है पत्ते-तत्ते से तेरा /
गलत है जो कहते हैं तुम लापता हो //

अजब तेरी लीला अजब तेरी माया /
सभी से अलग है सभी में समय /
सत्ता से तेरी मुकर जांए कैसे की /
हर सूँ वीरेंदर रहे जगमगा हो //

SENDER:

RAJENDRA ARYA
SANGRUR (PUNJAB)
9041342483