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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

आर्य समाज लाडनूँ का औचित्य(Arya Samaj is completely dead)

मैं कभी भी लम्बे लेख नहीं लिखना चाहता हूँ।आर्य समाज लाडनूं में दयानन्द जयन्ती तो मनायी नहीं गयी अपितु लाडनूँ आर्य समाज के अध्यक्ष ने अपने पिता की पुण्य तिथी आज अवश्य मना ली।और तो और अपने प्रिय पिताश्री को एक महान समाज सुधारक तक कह दिया।फिर दयानन्द तो इनसे दूर ही हुआ समझो।कुछ दिनो बाद आर्य समाज में यह भेड बोली चलेगी कि आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानन्द नहीं अपितु स्वामी विवेकानन्द थे।ठीक है जैसी इन आर्य समाजियों की इच्छा है।जैसा ये चाहें वैसा करें।वैसे मैं इनकी पानी में डूब मरने की कामना करूँगा।इसके लिये मैं एक नये वेद मन्त्र का निर्माण करूँग जिसमें इनकी मृत्यु की जल्द से जल्द इच्छा की जायेगी।हाय रे!भगवान कितना निर्दयी और पक्ष्पाती है कि जिसने ऐसा मन्त्र नहीं बनाया जिनमें हम दुष्ट पुरुषों की हत्या का विधान हो।किन्तु ये ईश्वर दयानन्द जैसा महान क्रान्तिकारियों के प्राण जल्द से जल्द ले लेता है।आर्य समाज के पंडितों की ये हालत है किन उन्हें एक भी वेद पूर्ण रूप से कन्ठस्थ नहीं है।सभी पं नामधारी किसी गुटके से पढाते हैं और कुछ तो उसे चबाते भी हैं।धिक्कार है ऐसे आर्यों पर।कृण्वन्तो विश्वमार्यम।वाह जी वाह।दे तालियों पे तालियाँ।आर्य समाज से अब और कोई उम्मिद नहीं की जा सकती है।अब यह भी कोई पौराणीक गठबन्धन है।यदि कोई नया समाज सुधारक आये तो पौराणिकों,जैनों के छक्के छुडाने के साथ-साथ इन आर्य समाजियों के छुडा देवे तो वह असली समाज सुधारक होगा।लेकिन वह बनने की इच्छा करते हैं कौन?सबके सब बडे वैरागी हैं।तो कृपया आप लोग भगवाँ वस्त्र धारण करके जंगलों में माला जपने के लिये चले जावें तो अत्युत्तम रहेगा।

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actually we are living in a false world made up of lies.and when we see out of it we think what we saw outside was unbelievable.but when we break each and every lie of the false world we can see what we saw outside the previous world was real.

Your friend
Vinay Arya
Managalpura(vill.),Ladnun(Teh)
Nagaur(Dist.),Rajasthan(State)
India(count.),Continent(Asia)
THE MOTHER EARTH(Planet)