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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

भारत के नौजवानो

भारत के नौजवानो चलना संभल संभल के |
गद्दार आ रहे हैं सूरत बदल बदल के ||
अब पाक के इरादे तुमसे छुपे नहीं हैं |
और ये हरामजादे तुमसे छुपे नहीं हैं ||
(खुजली बगैरा छुपे दुश्मन)
जालिम गिरा रहे हैं तूफ़ान हलके हलके |
गद्दार आ रहे हैं सूरत बदल बदल के ||
जिस अंजुमन में तुम हो उस अंजुमन पै मरना |
वीरों से हमने सीखा अपने वतन पै मरना ||
कुछ लोग देखते हैं तुमको मचल मचल के |
... गद्दार आ रहे हैं सूरत बदल बदल के ||
हैं राम भी तुम्हारे और कृष्ण भी तुम्हारे |
गीता भी है तुम्हारी और वेद भी तुम्हारे ||
दुनिया को तुम दिखादो उस रास्ते पै चलके |
गद्दार आ रहे हैं सूरत बदल बदल के ||
अब बाँध लो कफ़न को एक बार अपने सर से |
हरी सिंह की बात रख लो यह कह के निकलो घर से ||
रख देंगे दुश्मनों को पल भर में हम कुचल के |
गद्दार आ रहे हैं सूरत बदल बदल के ||

Rajendra P.Arya
Sangrur (Punjab)
9041342483