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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

सर्वोद्धारक स्वामी दयानंद

जमाने को सच्चा सखा मिल गया।
दयानन्द सा देवता मिल गया।।

सर्वोद्धारक स्वामी दयानंद जी
ये नैया वतन की भंवर में पड़ी।
... खड़ी सामने थी मुसीबत बड़ी।
अचानक इसे ना खुदा मिल गया।।

तरफदार कन्याओं अबलाओं का।
हितैषी अनाथों का विधवावों का।
हमें राह में रहनुमा मिल गया।।

परेशानियों मन्दे हालों के बाद।
बिछुड़ा पड़ा बहुत सालों के बाद।
कि बच्चों को उनका पिता मिल गया।

धर्म देश जाति की भक्ति मिली।
नई जिन्दगी नई शक्ति मिली।
‘पथिक’ क्या कहे क्या से क्या मिल गया

Post by:
Rajendra P.Arya
Sangrur (Punjab)
9041342483

भरोसा कर

भरोसा कर तू ईश्वर पर तुझे धोखा नहीं होगा।
यह जीवन बीत जायेगा तुझे रोना नहीं होगा।।

कभी सुख है कभी दुख है, यह जीवन धूप-छाया है।
हँसी में ही बिता डालो, बिताना ही यह माया है।।१।।

... जो सुख आवे तो हंस लेना, जो दुःख आवे तो सह लेना।
न कहना कुछ कभी जग से, प्रभु से ही तू कह लेना।।२।।

यह कुछ भी तो नहीं जग में, तेरे बस कर्म की माया।
तू खुद ही धूप में बैठा लखे निज रूप की छाया।।३।।

कहां पे था, कहां तू था, कभी तो सोच ए बन्दे !
झुकाकर शीश को कह दे, प्रभु वन्दे ! प्रभु वन्दे !!४!!

Rajendra jee Jamaaney ko

Rajendra jee
Jamaaney ko sacha sakha mil gayaa!
Swaami Dayanand saa Devataa mil gayaa!

Ati dhayavaad!!