प्रात: काल में रत्नों की प्राप्ती
प्राता रत्नं प्रातरित्वा दधाति || ऋ. 1/125/1
प्रात: काल जागने वाला ही प्रभात वेला में रत्नों (शुभ गुणो ) को धारण करता है | ऐश्वर्य को प्राप्त करता है |
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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्
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प्रात: काल में रत्नों की प्राप्ती
Submitted by AnandBakshi on Sun, 2008-08-31 08:30.
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प्राता रत्नं प्रातरित्वा दधाति || ऋ. 1/125/1 प्रात: काल जागने वाला ही प्रभात वेला में रत्नों (शुभ गुणो ) को धारण करता है | ऐश्वर्य को प्राप्त करता है | |