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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

आइये पासवर्ड बदलें !

जब बैंक‌ से कोई क्रेडिट/ डेबिड कार्ड मिलता है तो एक आई डी नम्बर व एक‌ पासवर्ड साथ में दिया जाता है | इस पासवर्ड को हम अपने विश्वसनीय निजी पासवर्ड से बदल लेते हैं,जैसा कि हमें करना चाहिए | यदि ऐसा न करेंगें तो बै‍क के अधिकारी अथवा कोई अन्य जो हमारे पासवर्ड को जानते हैं हमारे एकाउंट मे सदा सेंध लगा सकते हैं | कुछ ऐसा ही आवष्यक था, जब हमारा देश हमें वापिस मिला था | अंग्रेजों ने इसे हमें लौटाया तो , साथ में एक पासवर्ड दिया जिससे हम अपने एकाऊंट को चलाना शुरु कर सकें | परन्तु यह पासवर्ड हमें बदलना चाहिए था | अपने देश के एकाऊंट को पुराने पासवर्ड से नहीँ चलाते रहना चाहिए था |

परन्तु बड़े अफसोस की बात है कि,हम उसी पासवर्ड को चलाते रहे | चलाते क्या रहे, आज भी चला रहे हैं | तो बाहर वालों नें कितनी सेंध मार ली होगी हमारे एकाऊंट में, यह तो बस सोचने की बात रह गयी है | अब कर तो कुछ नहीँ सकते हैं |

यह पासवर्ड तो आप समझ गये होंगे ??? सारा एकाउंट इन्हीं के नाम से खोला व चलाया गया | क्यों ? यह पासवर्ड तो अंग्रेज भी जानते थे व खोलते थे | इसे बदला क्यों नहीं गया, इतने वर्ष व्यतीत हो जाने के बाद भी ? आने वाला कल यह प्रश्न अवष्य करेगा | तब इसके जिम्मेदार हर व्यक्ति को उसका फल भी अवष्य मिलेगा |

खैर, अब जो हुआ सो हुआ | इस पासवर्ड को सदा सदा के लिए, जल्द से जल्द बदल दें, इसी में हमारा बचाव है, वरना आजादी, आजादी न रहकर, दासता की एक नई परिभाशा बन जाएगी |