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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

Dayanand

देखा ना कोई दूजा, ऋषिवर महान जैसा।
एक ओर सारी दुनिया, एक ओर वो अकेला।।
कुछ पास में नही था,चेली ना कोई चेला।
दुनिया के हर सितम को, मर्दानगी से झेला।
हर दम रहा अड़ा वो, सुद्रढ चट्टान जैसा।।
देखा ना कोई............. ऋषिवर महान जैसा।
देखा किसी का दुःख तो, ऋषिवर की आँख रोई।
जग के लिए ऋषि ने, रातों की नींद खोई।
देखे अनेक त्यागी, ऋषिराज सा न कोई।
दिल था विशाल इतना, है आसमां जैसा।।
देखा ना कोई ... ... . ऋषिवर महान जैसा।
हे आर्यों समाधी, मेरी नही बनाना।
मेरे तन की राख लेकर, खेतों में गिराना।
वेदों के पथ पर चलना, संसार को चलाना।
बन जायें श्याम जीवन,ऋषिवर महान जैसा।। देखा ना कोई .......ऋषिवर महान जैसा।

स्वामी दयानन्द सरस्वती जी के 192 जन्मदिवस पर सभी आर्यों को हार्दिक शुभकामनाएं।
सोनू कुमार मुंबई
9819180242