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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

सत्यार्थ प्रकाश

Submitted by Rajendra P.Arya on Fri, 2018-02-16 11:05. *नई
सत्यार्थ प्रकाश का पढ़ना, यदि जन जन में प्यारा हे जाये |
पढ़कर के सभी अमल करें, वैदिक उजियारा हो जाये ||
फुले फुलवाड़ी वेदों की, जग से अंधियारा मिट जाए |
सत्य धर्म पर अमल करें, स्वर्ग सारा जग बन जाए ||

आर्य राजेन्द्र
संगरूर-१४८००१ (पंजाब)
मोबा़़९०४१३४२४८३