Skip navigation.
कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

भगवान तेरी महिमा

5. भगवान तेरी महिमा.......

भगवान तेरी महिमा क्या खूब निराली है ।
एक घर में अंधेरा है एक घर में दिवाली है ।।

1. क्या अजब तमाशा है क्या खेल रचाया है ।
यह तेरा भेद कोई भी जान न पाया है ।
अरबों का मालिक है पर गोद से खाली है ।।
भगवान तेरी महिमा......

2 . कोई कितना सुंदर है फूलों से सजाया है ।
कवि भी कविता करके गुण रूप में गाया है ।
कुरूप कोई कितना ज्यों रजनी काली है।।

3. तकदीर की हलचल है या कर्म का पाशाा है।
दर-दर का भिखारी है एक हाथ में काशा है ।
भर पेट नहीं मिलता भोजन का सवाली है ।।

4. संसार पहेली है उलझन ही उलझन है ।
बेमोल यहां रिश्तो का यह कैसा बंधन है ।
कुछ दिन के लिए हमने यह दुनिया बसा ली है ।।
भगवान तेरी महिमा क्या खूब निराली है ।
एक घर में अंधेरा है एक घर में दिवाली है ।।
भगवान तेरी महिमा.......