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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

योग प्रचार‌

तुम करो योग प्रचार,अमृत बरसेगा
तुम करो प्रभु से प्यार, अमृत बरसेगा
बरसेगा, बरसेगा, अमृत‌ बरसेगा
तुम करो योग प्रचार,अमृत बरसेगा

बाल व्रिद्ध सब योगी बनकर
करो देश उद्धार,अमृत बरसेगा
तुम करो प्रभु से प्यार, अमृत बरसेगा

योग नाम है प्रभु प्रीती का
योग नाम है अमृत रस का
भर भर पीलो याग,अमृत बरसेगा

पांच प्राण जब वश मे कर लो
मन विचार को केन्द्रित कर लो
तब बहेगी निर्मल धार,अमृत बरसेगा

रामदेव यह् सीख सिखाए
दुनिया को यह् रीत बताए
प्राणो का करो आयाम,अमृत बरसेगा

भास्त्रिका से करो शुरु तुम
प्रणव जाप से करो अन्त तुम
कपाल भाती से ह्रिष्ट‌ पुष्ट बन‌
कर लो अनुलोम विलोम,अमृत बरसेगा

हर जीवन की यही पुकार
सुख‌ की है सब को दरकार
तो करो योग प्रचार, अमृत बरसेगा

जन जन में यदि जीवन चाहो
देश प्रेम जन जन में चाहो
तो करो योग प्रचार,अमृत बरसेगा
तुम करो प्रभु से प्यार, अमृत बरसेगा

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yoga should be reached to everybody.