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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

आइये ऋषि से जानें कुछ प्रश्नों के उत्तर - वेदोत्पत्तिविषयः (5)

प्र.- वेदो के रचने और वेदपुस्तक लिखने के लिये ईश्वर ने लेखनी, स्याही और दवात आदि साधन कहाँ से लिये, क्योंकि उस समय में तो कागज आदि पदार्थ बने ही न थे |?

उ. - वाह वाह वाह जी ! आपने बड़ी शंका करी आपकी बुद्धि की क्या स्तुति करें | अच्छा आपसे मैं पूछता हूँ कि हाथ पग आदि अङ्गों तथा काष्ठ लोह आदि सामग्री साधनों के बिना ईश्वर ने जगत् को क्योंकर रचा है ? जैसे हाथ आदि अवयवों के बिना उसने सब जगत् को रचा है वैसे ही वेदों को भी सब साधनों के बिना रचा है, क्योंकि ईश्वर सर्वशक्तिमान है| इससे ऐसी शङ्का उसमें आपको करनी योग्य नहीं | परन्तु इसके उत्तर में इस बात को जानो कि वेदों को पुस्तकों में लिख के सृष्टि के आदि में ईश्वर ने प्रकाशित नहीं किये थे |

प्र. - तो किस प्रकार किये थे ?

उ. - ज्ञान के बीच में |

प्र. - किनके ज्ञान में ?

उ. - अग्नि, वायु, आदित्य और अङ्गिरा के |

प्र. - वे तो जड़ पदार्थ हैं ?

उ. - ऐसा मत कहो, वे सृष्टि के आदि में मनुष्य देहधारी हुए थे, क्योंकि जड़ में ज्ञान के कार्य का असम्भव है, और जहां जहां असम्भव होता है वहां वहां लक्षणा होती है | जैसे किसी सत्यवादी विद्वान पुरुष ने किसी से कहा कि खेतों में मचान पुकारते हैं, इस वाक्य में लक्षणा से यह अर्थ होता है कि मचान के ऊपर मनुष्य पुकार रहे हैं, इसी प्रकार से यहां भी जानना कि विद्या के प्रकाश होने का सम्भव मनुष्यों में ही हो सकता है, अन्यत्र नहीं | इसमें 'तेभ्यः.' इत्यादि शतपथ ब्राह्मण का प्रमाण लिखा है | उन चार मनुष्यों के ज्ञान के बीच में वेदों का प्रकाश करके उनसे ब्रह्मादि के बीच में वेदों का प्रकाश कराया था |

प्र. - सत्य बात है कि ईश्वर ने उन को ज्ञान दिया होगा और उनने अपने ज्ञान से वेदों का रचन किया होगा ?

उ. - ऐसा तुमको कहना उचित नहीं, क्योंकि तुम यह भी जानते हो कि ईश्वर ने उनको ज्ञान किस प्रकार का दिया था ?

उ. - उनको वेदरूप ज्ञान दिया था ?

प्र. - अच्छा तो मैं आपसे पूछता हूँ कि वह ज्ञान ईश्वर का है कि उनका ?

उ. - वह ज्ञान ईश्वर का ही है |

प्र. - फिर आपसे मैं पूछता हूँ कि वेद ईश्वर के बनाये हैं वा उनके ?

उ. - जिसका ज्ञान है उसी नें वेदों को बनाया | फिर उन्हीं ने वेद रचे हैं यह शंका आपने क्यों की थी ?

उ. - निश्चय करने और कराने के लिये |

महर्षि दयानन्द सरस्वती
(ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका)
Q/A on CREATION OF VEDAS from MAHRISHI DAYANANDA SARASWATI(5)