प्रभु को ऐसे देखें !
सत्य में प्रभु विराजें , चेतना ,आनन्द में
इस महान सृष्टि में , सृष्टि की संरचना में
और सभी पदार्थ में ,विद्दा से जाने जाते जो
आओ प्रभु को देख लें , उन सभी के मूल में
सुख दे , जो शान्ति दे , पूर्ण आनन्द दे
सब का कल्याण करे , सुख की जो वृष्टि करे
व्यापक उस ईश्वर को , प्यारे परमेश्वर को
आओ प्रभु को ढूंढ लें ,इन सभी के मूल में
तन के सब अंगों में , अंगों की पवित्रता में
पूर्व कल्प की तरहं , वर्तमान कल्प में
सूर्य में , चन्द्र में , पृथिवी , आकाष में
आओ प्रभु से जा मिलें , उन सभी के मूल में
और सभी दिशाओं में , और सभी पदार्थ में
नमन करें रक्षक को , नमन करें अधिपति को
द्वेष को मिटाए जो, प्रेम को बढाए जो
अन्धकार से परे , देवों का भी देव जो
सर्वोत्तम तेज में , वेदों के ज्यान में
आओ उसको देख लें , प्रकृति के परिधान में
विद्वानो की विद्वता में , अन्तरिक्ष द्दुलोक में
आओ उसको ढूंढ लें , उन सभी के मूल में
शतवर्ष का जीवन दे , हमको अदीनता दे
शतवर्ष से अधिक , जीने की प्रेरणा दे
ऐसे उस सत्य को , चेतन आनन्द को
हदय में धार कर , बुद्धि में ढाल कर
धर्म अर्थ,काम,मोक्ष , सबको हम सिद्ध करें
शत् शत् फिर नमन करें , बार बार नमन करें ||
