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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

न्यायकारी व दयालु ईश्वर कभी किसी का कोई पाप क्षमा नहीं करता।’

“ओ३म् संसार में दो प्रकार के पदार्थ हैं, चेतन व जड़ पदार्थ। चेतन पदार्थ भी दो

माँ’’ – देवेन्द्र कुमार मिश्रा

“भजन, हिन्दी ‘‘माँ’’ – देवेन्द्र कुमार मिश्रा September 29, 2015 Rishwa Arya Leave a comment बस माँ ही है

“श्रीमद्भगवद्गीता व सत्यार्थप्रकाश के अनुसार जीवात्मा का यथार्थ स्वरूप’ -मनमोहन कुमार आर्य

“श्रीमद्भगवद्गीता व सत्यार्थप्रकाश के अनुसार जीवात्मा का यथार्थ स्वरूप’ -

पं.मनसाराम जी वैदिक तोप~राजेंद्र जी जिज्ञासु

“~पं.मनसाराम जी वैदिक तोप~राजेंद्र जी जिज्ञासु September 30, 2015 Rishwa Arya Leave a comment लौह लेखनी च

“ईश्वरः जैन एवं वैदिक दृष्टि -डॉ. वेदपाल, मेरठ”

“[वर्ष 2013 में ऋषि – मेले के अवसर पर आयोजित वेद-गोष्ठी में प्रस्तुत एवं पुरस्कृ

“सभी चार आश्रमों में श्रेष्ठ व ज्येष्ठ गृहस्थाश्रम’ -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून।”

“वैदिक जीवन चार आश्रम और चार वर्णों पर केन्द्रित व्यवस्था व प्रणाली है। ब्र

“श्रेष्ठ मानव जीवन का आधार – ‘वैदिक संस्कार’”

“ओ३म् श्रेष्ठ मानव जीवन का आधार – ‘वैदिक संस्कार’ -मनमोहन कुमार आर्य, देहराद

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