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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

सब सत्यविद्दाओं का आदिमूल‌

ओ३म् |
देवाश्चित्ते असुर्य प्रचेतसो बृहस्पते यज्यिय वेदों भागमान‌शु: |
उस्त्रा इव ज्योतिषा महो विश्वेषामिज्जनिता ब्रह्मणामसि ||
ऋग्वेद 2.23.2

क्या मिलता है ह‌में आर्य‌समाज में, जो अन्य जगह नहीं मिलता है - तीसरा सत्य‌

क्या मिलता है ह‌में आर्य‌समाज में, जो अन्य जगह नहीं मिलता है
क्या हे जो आपको यहाँ मिलता है , जो अन्य कहीं नहीं मिलता है ?

Discover The Real Truth

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We are without a proper direction
What is our ultimate destination?
Murky foggy soggy is our way
Thorns are laden on the way
In this hectic world we need a little respite .

आत्मा अविनाशी है

ओ३म् |
अपश्यं गोपामनिपद्यमानमा च परा च पथिभिश्चरन्तम् |
स सध्रीची: स विषूचीर्वसान आ वरीवर्ति भुवनेष्वन्त: ||
ऋग्वेद 1.164.31

ऋषि का एकान्तवास और योग साधना : एक अदभुत् घटना

चाणोद के आश्रम से थोड़ी दूर नर्मदा के किनारे एक दिन मैं बैठा हुआ प्रक्रृ‌ति माता की शोभा को देख रहा था | नदी के उस पार से एक नाव यात्रियों से भरी हुई इस पार आ रही थी | जब इस पार आने में थोड़ी ही दूरी शेष थी, तभी अचानक तूफान आ गया| यात्री लोग चिल्लाने लगे |यात्रियों के डर के मारे हिलने डुलने के कारण घाट से थोड़ी दूर पर नदी के अन्दर पानी नाव से ऊपर उठने लगा और देखते देखते नाव‌ पानी से भर गई |

The Eternal Religion of Mankind : Vedic Dharma

( by Arya Sanyasi M Gopal Swami Saraswati )
PART - 1
RELIGION AND 'DHARMA'

Two of the most misunderstood words in common parlannce are the Latin word 'Religion' and Sanskrit word 'Dharma' which though considered synonym of each other, are not altogather the same.

THE ETERNAL RELIGION OF MANKIND VEDIC DHARMA

( by Arya Sanyasi M Gopal Swami Saraswati )
PART - 1
RELIGION AND 'DHARMA'

Two of the most misunderstood words in common parlannce are the Latin word 'Religion' and Sanskrit word 'Dharma' which though considered synonym of each other, are not altogather the same.

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